हर बार खुद को मेरी ही कहती रही वो,

जितनी बार मैं उससे इज़हार करता था।


वो अचानक कैसे इतनी बदल गयी होगी,

वो लड़की जिसे मैं इतना प्यार करता था।


उसी की बदौलत आज मेरे गले पे सूली है,

वही जिसे मैं अपने गले का हार करता था।