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बेपरवाह


क्या करें, इसके सिवा हमें कुछ आता नहीं,हमसे बात करते ही,तुम रूठ जाओगे।

लगाना जो़र आहिस्ता से दौड़ने मेंहम धीरे चलते हैं, तुम आगे छूट जाओगे।

एहसास हो गर हमारी गम-ए-जिंदगी का, तभी हमसे मिलना,वरना मिलते ही, बड़ी आसानी से टूट जाओगे।।

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