हो कैसी भी हालत, तुम बस इन्सान ही रहना ,
मुझको हो गर दर्द तो, तुम भी परेशान ही रहना।
हो कुछ भी, तुम्हारे लिए उनका साथ जरूरी है,
सबकुछ जानकर भी तुम, अनजान ही रहना।
कब भुला दिए जाओगे तुम, इसका तो उन्हें भी पता नहीं,
आदत कितनी भी हो उनकी, उनके दिल का बस मेहमान ही रहना।
उनके फिराक से तुम ही बिखरोगे ,
उनकी जि़द के सामने, हमेशा बेजुबान ही रहना ।
दिल दुखे तो हमेशा अपने दोस्तों में ही रोना,
उसके सामने रोने से अच्छा है, उसकी हलकान ही रहना।
अब चलके उसकी बाहों में मर जाऊँ,
जबतक वो कहे जान, उसकी जान ही रहना।
मैं रोऊँ तो तुम मरके दिखाओ जाना ,
मैं चाहूँ हर उम्र में तुम्हें, पूरी ज़िन्दगी जवान ही रहना। ।


