आओ मिलकर सब ईद मनाएँ

हाथ खुदा की नेमत को ,

ललाट झुकाएँ रहमत को,

सद्भाव सभी के प्रति बढा़एँ

आओ मिलकर सब ईद मनाएँ।


अली की हुई दिवाली अब रमजाऩ है राम की,

एकता की पहचान की ,खूबसूरती है ये हिन्दुस्तान की

छोड़ सब मन-भेद मनाएँ,

आओ मिलकर सब ईद मनाएँ।।


- आयुष मिश्रा / @ayyushmishraa