इब्तिदा-ए-इश्क - राज़ गहरा's image
707K

इब्तिदा-ए-इश्क - राज़ गहरा

इब्तिदा-ए-इश्क वो मुकम्मल हैं मेरे,

जा़लिम वो कि मानते ही नही;


दिल, जिग़र, जा़न मत कहो मेरे का

Read More! Earn More! Learn More!