बेटियां, आनेवाला कल है ये आज काबेटियां, दर्पण है यह दुंधले समाज काबेटियां, चमकता सूर्य है सवेर काकौन कहता है कि बेटी होती है 'पराया धन'ये तो असीम, अपार खजाना है कुबेर का ।
बेटियां, आनेवाला कल है ये आज काबेटियां, दर्पण है यह दुंधले समाज का
बेटियां, चमकता सूर्य है सवेर काकौन कहता है कि बेटी होती है 'पराया धन'ये तो असीम, अपार खजाना है कुबेर का ।