तुझे देखते ही आँखें तुझ पर ठहर सा गया

तेरी चाँद सी मुखड़े पर मैं पिघल सा गया

अब हर समय मेरे मन में तेरा ख्याल घूमने लगा

शायद अब मुझे तुमसे एकतरफा प्यार होने लगा


अब मैं अपना दिल तुझे भेंट करना चाहता हूं

अब मैं सदा तेरे दिल में कैद होना चाहता हूँ

तेरी मुस्कुराहट में मानो मेरा सारा संसार बसने लगा

शायद अब मुझे तुमसे एकतरफा प्यार होने लगा


ये मुख़्तसर जी ज़िन्दगी तेरे संग गुजारना हैं

सावन की पहली बारिश में भी तेरे साथ भीगना हैं

अब हर एक स्वप्न में तेरा ही चेहरा दिखने लगा

शायद अब मुझे तुमसे एकतरफा प्यार होने लगा


तेरे साथ होने से दिल को सुकून मिलता हैं

तुमसे दूर होते ही दिल मायूस हो जाता हैं

तेरे कातिलाना आंखों में डूब जाने को मन करने लगा

शायद अब मुझे तुमसे एकतरफा प्यार होने लगा


तेरी लंबी जुल्फें में उलझाना चाहता हूँ

तुम्हे ही अपना जीवनसाथी बनाना चाहता हूँ

तेरे हिरनी चाल पर जान लुटाने को जी करने लगा

शायद अब मुझे तुमसे एकतरफा प्यार होने लगा


तेरे मखमली सी गाल पर जो काला सा तिल हैं

जिसे देख मन बावरा खिंचा चला जाता तेरी ओर हैं

तेरा नाम लेते ही दिल जोर जोर से धड़कने लगा

शायद अब मुझे तुमसे एकतरफा प्यार होने लगा


रब ने भी क्या सहज खूबसूरत बना कर भेजा तुम्हे

शायद मेरे ही लिए कायनात से बचा रखा तुम्हे

अब रब से बस तुम्हे पाने की मिन्नत करने लगा

शायद अब मुझे तुमसे एकतरफा प्यार होने लगा