तेरा नंदन है अभिनंदन है, तेरा कण-कण मानो चंदन है, हे राम ,रहीम ,भरत के भारत, तुझे बार-बार मेरा वंदन है। हर रंग भरा है तुझमें, रंगों से सजी रंगोली है, हर रोज तेरे आंगन सजती, मानवता की टोली है। गोरों से वर्षों तक लड़कर, ये आजाआ हमने पाईं है, ना जाने कितने वीरों ने, अपनी जान गंवाई है। सौगंध तेरी खाता हूं, हे भारत मां, हस्ती नहीं मिटने दूंगा, सर कटा लूंगा पर कभी, तिरंगे को नहीं झुकने दूंगा।