ऐसे बेकरारी की प्यास बुझा लेते है।थोड़ा अपना लहू जला लेते है।आदमी, रोता हुआ अच्छा नहीं लगताकुछ इस तरह खुद को बहला लेते है।
ऐसे बेकरारी की प्यास बुझा लेते है।थोड़ा अपना लहू जला लेते है।
आदमी, रोता हुआ अच्छा नहीं लगताकुछ इस तरह खुद को बहला लेते है।