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निशानी


निशानी ऐसी न छोड़ोकी दिल पे धार कर जाए,

छोड़ना कुछ निशानी यूंकि दिल में पार कर जाए,

मेरा क्या मैं तो शायर हूंमोहब्बत ही समझता हूं,

हंसी ऐसी ही छोड़ो तुमकि फिर से प्यार हो जाये।

@अवनीश

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