ये वक्त अभी रुकने का नहीं है
ठहरना नहीं है अभी तुमको थककर के यहां।
कुछ अभी न मिला है और ना हुआ है हासिल अभी
फिर क्यों न चलते रहें क्यों रुके थककर यहाँ।।
जो ख्वाब देखे हैं तुमने जो सपने संजोये हैं
जिनको पाने को जाने कितनी रातों न सोये हैं।
अभी जब है पास मंजिल क्यों न थोड़ा और चलकर
वहीं पर डेरा जमाएं पहुँचकर मंजिल के पास और सुस्तायें तभी।।
कुछ अभी न मिला तुमको और न हासिल अभी
फिर क्यों न चलते रहें क्यों रुके थककर यहां......
आज तेरा कल भी तेरा और आने वाला भी
जो भी कर सकता है कर ले कल ये पल होगा नहीं।
थोड़ी मेहनत थोड़ी मुश्किल थोड़ी राहत साथ मे है
कुछ नहीं खोया है तूने अभी सबकुछ हाथ में है।।
आज तेरा रोज जगना रोज चलना मीलों दूर
तेरे कल का आने वाला हर दिन होगा तेरा नूर।
कल तुझे देखेगी दुनिया पहचान होगी जहां से
फिर न जीवन मे तेरे वो पल रहेगा तू आया जहां से।।


