भीड़ कहाँ जाती है........?
जहां देखो भीड़ ही है लोग गुमनाम है
चेहरे ही चेहरे दिखते है मगर सब अंजान है
देखते ही देखते ये बाढ़ सी आ जाती है
भीड़ कहाँ जाती है.......?
लोग अनवरत चलते रहते हैं
मंजिल न मिलने तक रुकते नहीं हैं
मगर ये सफर रोज जाने कितनों से मिलाती है
भीड़ कहाँ जाती है........?
चेहरे एक पल जो दिखे अगले पल ओझल हुए
कोई अपनी मंजिल की ओर हम अपनी ओर चले
कभी - कभी बहुत कुछ याद दिलाती है
भीड़ कहाँ जाती है........?


