मै लडा बहुत था, बन्ने को तेरा । मैं रोया बहुत था , दूर हो जाने से तेरा। मगर तेरे लब्जो के वार से यू आघात हुए, कि दर्द से आंखो के कैदी भी वही सूखे मर गए।