सब जाएं तो जाएं कैसे,
तेरा रंग भुलाएं कैसे,
तुम तो हमको भूल चुके हो,
अपनी याद दिलाएं कैसे,
पूरा पूरा था वो मेरा,
थोड़ा उसे बताएं कैसे,
इस चेहरे को भूल चुका वो,
उसके पास अब जाएं कैसे,
इन यादों में खोना है अब,
थोड़ा थोड़ा रोना है अब,
पूरा सच छुपाएं कैसे,
झूठ उसको बतलाएं कैसे,
तेरा रंग छुपाएं कैसे....
अविनाश त्रिवेदी


