रिश्तों में कैसे कैसे मंजर नज़र आते हैं...
हर हाथ में खंजर नज़र आते हैं...
रईसों के हक में आई मोहब्बत की छाँव,
मुफलिसों के सफ़र में सूखे शजर नज़र आते हैं...
आईना भी सच उन्ही का बताता है
जो बाहर के जैसे ही अंदर नजर आते हैं...


रिश्तों में कैसे कैसे मंजर नज़र आते हैं...
हर हाथ में खंजर नज़र आते हैं...
रईसों के हक में आई मोहब्बत की छाँव,
मुफलिसों के सफ़र में सूखे शजर नज़र आते हैं...
आईना भी सच उन्ही का बताता है
जो बाहर के जैसे ही अंदर नजर आते हैं...