यूं बहता सा हवा, ये चलता रास्ता

ये कैसी जिंदगी, ये कैसा वास्ता


संभल कर मैं चला, कफन सा रास्ता

मुझे मंजिल मिली, हाँ, छोड़ के वास्ता !!



अविनाश झा / @joinavi4ever