ख़ुद्दारी's image
705K

ख़ुद्दारी

मैं कल रात बहुत दूर बहुत दूर तक गया, ख़्वाहिश थी बन्दग़ी मगर गुरुर तक गया। उसने भी पलट कर जो किसी सिम नहीं देखा, न अक्स तक गया न शीशा-ए-चूर तक गया। ख़ुद्दारी मेरी इससे ज़ियादा और क्या कर
Read More! Earn More! Learn More!