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ए ख्वाहिशो


कितना समझाऊँ तुम्हे, क्या सब कुछ तुम पे निसार दूं इतना बवाल क्यों करती हो, ए ख्वाहिशो क्या ज़हर देके तुम्हे मार दूं

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