"स्कूल में बच्चे जब घर आई नई
चीजों के बारे में बता रहे थे,
बच्चे हमारे भी कहाँ कम थे,
वो परिवार के साथ बिताए,
लम्हों को गिना रहे थे,
जिंदगी के खेल में,
हार कर भी वो जीत रहे हैं,
वक़्त लग तो रहा है लेकिन,
आखिर दुनियादारी सीख रहे हैं"..


"स्कूल में बच्चे जब घर आई नई
चीजों के बारे में बता रहे थे,
बच्चे हमारे भी कहाँ कम थे,
वो परिवार के साथ बिताए,
लम्हों को गिना रहे थे,
जिंदगी के खेल में,
हार कर भी वो जीत रहे हैं,
वक़्त लग तो रहा है लेकिन,
आखिर दुनियादारी सीख रहे हैं"..