ये बूंद बूंद तेज़ाब किसने डाला हैं

इस आग ने सारा शहर जला डाला हैं

और अभी बाकी हैं इसका दहकना

तुमनें जरा सी चिंगारी को शोला बना डाला हैं।

-©नितेश मिश्रा