रात रानी की सुगंध आ ही जाती है

चाहे मेरे द्वार हो बंद

रात की रानी तड़पती है

इसे जीवन में बसाया जाए

बिलखती है

किसी गीत में इसे गाया जाए

रात रानी की सुगंध

चाहती है चिर जीवन का हो प्रबंध

-बावा बलवंत