"इतना आसान होता गर मिलके बिछड़ना तुमसेकब का हम छोड़ देते लड़ना तुमसेरोज कहती हो हूँ मैं एक पतंग की तरहजान - ए - जाँ सीखा है ऊँचाई पर उड़ना तुमसे"
"इतना आसान होता गर मिलके बिछड़ना तुमसेकब का हम छोड़ देते लड़ना तुमसे
रोज कहती हो हूँ मैं एक पतंग की तरहजान - ए - जाँ सीखा है ऊँचाई पर उड़ना तुमसे"