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मोरे प्यारे सजन

Atul VermaAtul Verma March 15, 2022
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 मोरे प्यारे सजन

 मोरे प्यारे सजन 

 तुम ना आए अगर इस दिसंबर में घर 

 मर ही जाएंगे हम तकते तकते डगर

 मोरे प्यारे सजन 

 मोरे प्यारे सजन 

 खुब बहाना बनाते हो प्यारे सजन 

 लौट आओ अब घर को हमारे सजन

 सब पता है कहाँ चल रहा तुम्हरो मन

 कर किनारा ई कर लो जवानी खत्म 

 कुछ तो बाकी रखो अब हया और शरम

 मोरे प्यारे सजन 

 मेरे प्यारे सजन 

 एक सूची हमें उन चुड़ैलों की दो

 हमको मालूम है वो होंगी कम से कम सौ

 इतना दुखता है मन हरकतों से तुम्हारी   

 सोंचती इतनी उम्र तुम्हरे संग क्यूँ गुजारी 

 हम अकेले इधर गांव में बेखबर 

 तुम मजे कर रहे हो शहर दर शहर

 मोरे प्यारे सजन 

 मोरे प्यारे सजन 

कुछ ही दिन में नया साल आ जाएगा 

और फागुन फिर सर पे छा जाएगा 

आम के बौर आएंगे बागों में जब 

लड़कियां गीत गाएंगे फागुन में सब 

आंसुओं में मेरी आंखें डूबने तब

याद आएंगी उन रातों की घड़ियाँ सब

जिनमें हम रूठते तुम मनाते सजन

गीत यौवन के तुम....गुनगुनाते सजन

लब से लब चूमते जिस्म से जूझते 

देखते सब अंधेरे, पूरे होते सपन 

मोरे प्यारे सजन

मोरे प्यारे सजन 

होली में जब सहेलीं ठिठोली करें 

रंगों से एक दूजे की चोली भरें

एक हम तुम्हरी यादों में जल जल मरे 

एक साजन हमारे दुनियाभर में फिरें

है

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