कल फिर सुबह होगी
कल फिर दोपहर होगी
कल फिर शाम होगी
कल फिर उठेंगे हम
कल फिर जिएंगे हम
कल फिर मरेंगे हम
कल ,कल ,कल होता रहेगा
आदमी ,आदमी से छोटा रहेगा
इच्छाएं समस्याएं बनती रहेंगी
भगवान सबका सोता रहेगा
जो सब ढूंढ रहे हैं
वह है 'आज'
वही है कल का ताज
और यही ताज सबको डूबोता रहेगा


