हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई

हम सब मिलकर एक इकाई

करते हैं निर्माण राष्ट्र का

सत्य अहिंसा जिसमें समाई


प्यार से हम सब बोलते जिसको

मेरे प्यारे 'भारत' भाई


भारत जो मूल्यों का साथी

विश्व में महके जिसकी माटी

जिसका प्रथम लक्ष्य मानवता

जिस पर चलता प्रत्येक भारतीय


वेद हों या हो सिंधु सभ्यता

मुगलों की हो अर्थव्यवस्था

47 की आजादी हो

या हो गांधी जी का रस्ता


भारत ने हर एक क्षेत्र में

दुनिया को है राह दिखाई


चाहे फिर हो योग की महिमा

या फिर हो ट्रेडिशनल दवाई


मेरे प्यारे भारत भाई

मेरे प्यारे भारत भाई


जिसके संविधान की रेखा

स्वयं अंबेडकर ने बनाई

लौह पुरुष के अथक परिश्रम

से मजबूती जिसमें आई


मेरे प्यारे भारत भाई

मेरे प्यारे भारत भाई


नेहरू का मॉडल विकास का

हो समाज या जयप्रकाश का

इंदिरा जी की कूटनीति हो

9 वें दशक की अर्थनीति हो

अंत्योदय आडवाणी अटल का

या मोदी मॉडल डिजिटल का


हर एक मॉडल में भारत ने

आशान्वित सफलता पाई


मेरे प्यारे भारत भाई

मेरे प्यारे भारत भाई


जन-जन है जहां सभी एक से

होती है जहां सब की सुनवाई


मेरे प्यारे भारत भाई

मेरे प्यारे भारत भाई


आक्रांताओं का आक्रमण हो

या हो आजादी की लड़ाई

वीरों से संपन्न भारत ने

हर परिस्थिति में विजय है पायी


मेरे प्यारे भारत भाई

मेरे प्यारे भारत भाई


सिखों का हो शौर्य या फिर

झाँसी वाली रानी हो या

हों भगत सिंह की क्रियाएँ

जिनका ना कोई सानी हो

अनगिनत हैं वीर धरा के

जिसने भारत की नींव बनाई

देश की मुक्ति की खातिर

जान तलक अपनी है गँवाई


मेरे प्यारे भारत भाई

मेरे प्यारे भारत भाई


सब ने मिलकर भारत को

विश्व में है पहचान दिलाई


क्या है मेरी क्या है पराई

यह मिट्टी हम सब की कमाई


जिसको ईश्वर ने भी

अपनी जन्मस्थली बनाई


वेदों और पुरानों ने भी

जिसकी महिमा खूब है गाई


मेरे प्यारे भारत भाई

मेरे प्यारे भारत भाई


@ poetry by atul verma