अब इस बारिश में मुझको तेरी याद आती है
हर बूंद में तेरी सूरत दिख जाती है
तेरे भीगे बालों की खूशबू आती है
तेरे चेहरे पे पड़ी हर बूंद चमक जाती है
होंठों पर से तेरे लाली उतर आती है
ये यादें तेरी.. मेरी आँखें नम कर जाती है
अब इस बारिश में मुझको तेरी याद आती है
ये ज़मीन और आसमान भी हैं आज भीगे
फिर भी कर ना पाये मेरे दिल को गीले
तू जो साथ थी.. तो भीगा था हर बारिश में
अब जीता हूँ हर लम्हों को तेरी उन यादों में
तन्हा रह गया हूँ अब इस साँझ में
रोता है दिल मेरा बार बार तेरी याद में
करता हूँ अब भी इंतज़ार उस बारिश का..
जिस में फिर से भीग जाऊँ मैं तेरे प्यार में
अब इस बारिश में मुझको तेरी याद आती है