तू अब भी मुझमें समाया हुआ है तेरी यादों को सीने से लगाया हुआ है बेशक तू बोहोत दूर है अब तू किसी और जहाँ का नूर है तेरी फुर्कत में मेरा जहाँ अन्धेरा है तेरे ना होने से गमो ने मुझको घेरा है तुझे भूल्ने कि दुऑऐ करता हूँ ये सोच के हर पल मरता हूँ तेरा मेरा साथ होना मेरे हाथ में तेरा हाथ होना बोहोत याद आता है मुझे खूब तद्पाता है मुझे अपनी हथेली के बीच तेरे नरम हाथों कि गर्माहत तेरे पास होने पे वो अजीब सी कैफियत तेरे बालो की वो आवारा बेखौफ लटें जो मेरी अंगुलियों के बीच बन जाती थी उल्झि सिल्वटें बोहोत याद आती है मुझे बेचैन कर जाती है मुझे तेरे साथ घुम्ना फिर्ना तेरी नदानियों पे हस्ना बोहोत याद आता है मुझे खूब सताता है मुझे तेरे बिन तन्न्हाइ का बसेरा है तेरी यादे ही मेरी ज़िंदगी का सवेरा है तू जहाँ भी रहे खुश रहे अबाद रहे तेरी हर तमन्ना पूरी हो तू फैजेयाब रहे बस यही दुआ करता हूँ बस तेरी खुश्हालि मागँता हूँ मैंने तो तेरे इश्क में फना होने की कसम खाई है अपनी तो हम्नवा अब तन्हाई है ..... :-अतिया