क्या समझाएं जमाने को नेताजी
आप क्या चीज हो
इस वतन के लिए आपने बलिदान दिया
उस वक्त के सियासत ने आपका पैगाम न सुना
चंद लोगों ने इतिहास में आपको कहीं दूर दफना दिया
क्या समझाएं जमाने को नेताजी
आप क्या चीज हो
अकेले चल पड़े आप आजाद हिंद की ओर
सब कुछ लुटा दिया
आपकी परछाई ने भी अंधेरे में राह दिखाने का काम किया
आपसे कैसे रूबरू हो
आप तो रहस्यों में कैद हो नेताजी
क्या समझाए जमाने को
आप क्या चीज हो
कई सालों बाद आज भी जरूरत है आपकी
शायद तब आप होते तो यह किस्सा ना होता
आपको अगर जान लिया होता
तो शायद ये आजादी का सिलसिला पुरा होता, यादगार होता
कितनों ने आजादी का साथ दिया
मगर आप सा दीवाना कोई ना था
आप तो जान थे उस फौज की जो आप ने ही बनाई
आज आपके ना होने के बावजूद भी
जिंदा है आपकी विचारधारा
झूठ क्या सच क्या कोई न जाने
मगर अजिंक्य अटल अमर रहे आप इस देश की यादों में
क्या समझाएं जमाने को नेताजी
आप क्या चीज हो


