क्यूँ संदूक को खंगाला जाए,क्यूँ वो पैग़ाम निकाला जाए,जिंदा होना भी जुनून ही तो है,क्यूँ बहलाने को मन कोई भ्रम पाला जाए।
क्यूँ संदूक को खंगाला जाए,क्यूँ वो पैग़ाम निकाला जाए,
जिंदा होना भी जुनून ही तो है,क्यूँ बहलाने को मन कोई भ्रम पाला जाए।