नवरात्रि's image
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याद है तुमको, जब नवरात्रि आती थी,
एक सूट चाहिए, कहने में भी कतराती थी,
हफ्तों तक बाज़ारों में घूम-घूम समान जुटाता,
बिंदिया, महावर, गजरे, झु

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