न बेवज़ह किसी से सवालात कीजिए,
जब हो जरूरत मेरी, तभी मुलाकात कीजिए,
हमने तो तन्हाई को लगाया है गले से अपने,
होंठ हों बेख़बर, सिर्फ़ आँखों से बयां ज़ज़्बात कीजिए।

#क़लम✍
Read More Earn More Learn More