अपने हिस्से की गवाही भी नहीं दे सकते हम वो मुजरिम हैं सफ़ाई भी नहीं दे सकते आज के दिन कभी सीने से लगाते थे तुम्हें और अब तुमको बधाई भी नहीं दे सकते ऐसी आवाज़ के होने से न होना अच्छा हम अगर तुझको सुनाई भी नहीं दे सकते इश्क़ वालों पे फ़क़त मौत असर करती है इन मरीज़ों को दवाई भी नहीं दे सकते अपनी दुनिया में ख़ुशी जैसी कोई चीज़ नहीं ग़म हैं ऐसे कि दुहाई भी नहीं दे सकते