गली मे छू करते ही काटने दौडने वाला पागल शेरू आजकल शांत सा रहता है।

धर्म और मज़हब के नाम पे काटने दौड़ने वालो की तादाद जो बढ़ गई है।

शेरू अब इन्सानो को कभी हिंदू तो कभी मुसलमां होके लड़ते देखता है।

वो अब इन्सानो को छू करते ही काटते देखता है।

उसे अपना वज़ूद खतरे मे नज़र आता है।