अब तो जागरूक हो जा ओ इंसान!


मेरा नहीं है इस बीमारी पर कोई भी विचार

प्रकृति दंड दे रही है अपने अनुसार


तमाम देशों ने कर दिया है इस बीमारी को महामारी लागू

प्रकृति कर लेगी अब सबको काबू


धरती, जल, वायु, आकाश सबको कर रखा था हम मनुष्यों ने बेकार

प्रकृति अब लाएगी हमारी हरकतों मे सुधार


जनसंख्या हो रही थी अपरंपार

कुछ भी मनुष्य ना कर पा रहा था सुधार

प्रकृति ने अब दंड दिया है सबको समान

अब तो जागरूक हो जा ओ इंसान ।


                             - अमीषा अग्रवाल