वो पूछता है
मुझसे इश्क़ में वफाई क्या है
कोई बतलाए उसे इस मरीज़ की दवाई क्या है
ये सूरज क्यों रोज़ उग कर डूब जाता है
सोचता हूँ
खुदा तेरी खुदाई क्या है
वो चुप है
कई दिनों से कुछ कहता ही नहीं
पता तो करो होंटो में बात छुपाई क्या है
कुछ कश्तियाँ किनारा कर रही है
समंदर से समंदर ने उन्हें बात बताई क्या है
तूने हर बार रुलाया है
मुझे बेवक़्त आसिम बता तेरे इस गुनाह की सफाई क्या है।