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अपनी आँखों के


अपनी आँखों के मदहोशप्यालो से पिला दे मुझकोअब होश में रखा क्या है

अपनी ज़ुल्फों के रेशमीधागों से बाँध दे मुझकोआवारगी में रखा क्या है

अब तेरे दिल की धड़कनबन के धड़कने दे मुझकोयूँ तन्हाई में रखा क्या है

"क़लन्दर"

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