यूंही बिछड़ना था अगर,

मोहब्बत तेरी हमें मंजूर नहीं होती।

इस तरह दिल टूटने ही थे अगर,

इश्क़ को कभी हमारी मंजूरी ना होती।

धड़कने जुदा होकर हमारी

दिल अलग से धड़कने लगे है।

सुना था जो टूट गए दिल,

वोह बिखरकर भी अब जुड़ गए है।

किसी और की पनाह में है,

वोह हमसे अब जो दूर हुए है।

मिलकर जो शुरू हुआ था,

वोह अलग होकर ख़तम हुआ है।

एक राह, एक मंजिल से,

वोह अलग राह पर चल पड़े है।

तेरे बिना ए यार मेरे

ये सफर ही मेरा हमसफ़र हुआ है।