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अंधमोह


विरासत बना सहेजते हो,चीजो को अपने पुराने जो,

आसानी से भुलाए जाते है,जिन्हे पाने मे लगे जमाने हो,

निर्जीव से अंधमोह ऐसा है,कि अब जिंदो को लगे दफनाने वो।

— Ashutosh gautam
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