Poetry 1 min read 612.3K reads

शायरी


सर्द मौसम की यादें जमी जा रही,बंद कमरों में बातें जमी जा रही,

नौकरियों में हमारा सब कुछ गयादिल है पत्थर आंखें जमी जा रही,

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