जानकर क्या करोगे क्या हूँ मैं

थोड़ा अच्छा-नहीं बुरा हूँ मैं

पी के सजदे ज़मीं पे करता हूँ

ये न समझो यहाँ गिरा हूँ मैं


_अशरफ फ़ानी