अभी मैं बुझा नहीं हूँ
कुरेद कर देखो राख़
जल जाने,जला देने की
क़ूवत बाक़ी है अभी
चिंगारी हूँ तो क्या
वही आग ही तो हूँ
अभी मैं बुझा नहीं हूँ
_अशरफ फ़ानी


अभी मैं बुझा नहीं हूँ
कुरेद कर देखो राख़
जल जाने,जला देने की
क़ूवत बाक़ी है अभी
चिंगारी हूँ तो क्या
वही आग ही तो हूँ
अभी मैं बुझा नहीं हूँ
_अशरफ फ़ानी