उन राहों से आना जानाछोड़ चले हमजिन राहों ने हम दोनों कोजुदाई दी थीमस्जिद और मयख़ाना वानाछोड़ चले हमतोहफ़े में जब दोनों नेरूसवाई ही दी ।।__अशरफ फ़ानी।।