प्यारा न्यारा  दिखता है मुझको हिन्दुस्तान नया जनमानस करता माँ भारती का गुणगान यहाॅ राष्ट्रहित ही राष्ट्र धर्म है राष्ट्रीयता प्रतिष्ठावान यहाॅ क्रान्तिवीरो और शूरवीरो का त्याग बलिदान यहाॅ संपन्नता आत्मनिर्भरता का स्वयं किया निमार्ण यहाॅ

तकनीकी प्रोधोगिकी के नित नये अनुसंधान यहाॅ विश्व विख्यात प्रतिषठित सैकड़ो  संस्थान यहाॅ आन बान शान तिरंगा है भारतीयता पहचान यहाॅ एकता और अखंडता है सर्वधर्म समान यहाॅ श्रमदान रक्तदान है और होते अंगदान यहाॅ

पुरुष मर्यादित है नारी का सम्मान यहाॅ बच्चे बूढ़े सजग है प्रतिभाशाली नौजवान यहाॅ नागरिक जागरूक है शोभित है परिधान यहाॅ अनुशासित कटिबद्ध है प्रतिबद्ध हर इन्सान यहाॅ विस्तृत विकसित संस्कृति मे विविधता रसपान यहाॅ

मन्दिरो मे शंखनाद मस्जिद मे अजान यहाॅ विश्व नतमस्तक है ऋषिमुनियो का ज्ञान यहाॅ रामायण महाभारत ग्रन्थ गीता वेदपुराण यहाॅ मन्त्रो से गूँजित है धरती और आसमान यहाॅ शुद्ध जल वायु है सात्विक खानपान यहाॅ

कृष्ण राम की धरती है बौद्ध भगवान् यहाॅ गामा दारासिहं  जैसे है पहलवान बलवान यहाॅ उज्ज्वलित है गाँव गाँव मृदुभाषी जबान यहाॅ गोमाता गंगा है  माॅ के समान यहाॅ सयंमता सर्वसम्मति होते है अब समाधान यहाॅ

पावन पवित्र शुशोभित सर्वश्रेष्ठ सर्वोच्च  संविधान यहाॅ कर्मठता हमारी पूंजी है भाईचारा श्रेष्ठ प्रमाण यहाॅ स्वस्थ भारत स्वच्छ भारत का चलता अभियान यहाॅ हमारी सूचना प्रौद्योगिकी से हुआ विश्व कल्याण यहाॅ स्वतंत्रत विचारो का भारत है सबएक समान यहाॅ

 करण जैसे दानवीर है कन्यादान गौदान यहाॅ कबीर रहीम गालिब  है सूरदास रसखान यहाॅ हर आगंन तुलसी है होता यज्ञअनुष्ठान यहाॅ राजा पोरस जैसे है जिन्दा अशोक महान यहाॅ विकास चक्र मे कृतज्ञ सैनिक किसान यहाॅ

आयुर्वेद की प्रज्वलता है समाधि योगध्यान यहाॅ सर्वहिताय सर्वसुखाय नारे से है जनकल्याण यहाॅ संस्कारो से निहित है स्वाभिमानी इन्सान यहाॅ प्रेमभावी जजमान है अतिथि देवसमान यहाॅ वीरभूमि कुरूक्षेत्र भी है देवभूमि देवस्थान यहाॅ

जीरो दशमलव भारत का पुष्पक विमान यहाॅ परिकल्पना साक्ष्य है ऐसा है ज्ञानविज्ञान यहाॅ उमंगो और जलतरंगो का सबको संज्ञान यहाॅ प्राण जाए वचन न जाए है जीवनदान यहाॅ शबरी के मीठे बेर है अनूठे पकवान यहाॅ

मांग मे सिन्दूर और चदंनतिलक निशान यहाॅ लक्ष्मी बाई रानी भी है रजिया सुल्तान यहाॅ स्वर्ण से सुसज्जित महल और दरबान यहाॅ शासन प्रशासन नागरिक अफसर सब निष्ठावान यहाॅ माननीय मोदीजी प्रधानमंत्री स्वयं सेवक प्रधान यहाॅ

दान व्रत का नियम है रोजे रमजान यहाॅ होली दीवाली है गुरूपूरब का गुणगान यहाॅ भारत महान के करतब मे विश्वकल्याण यहाॅ दिव्य भव्य भारत है भारतीयता महान यहाॅ प्यारा न्यारा  दिखता है मुझको हिन्दुस्तान नया