कोई बाहो मे है कोई और चाहो मे है कशमेकश ये जिन्दगी की राहो मे है लगा कर  जिसम पे हमने कई दाग देखे है जो पतथर मे झुकता है ऐसे दिल पतथर देखे है दिल्लगी की सरकस मे चोट हमने भी खाई है दिलकशी मंजर भी देखे है दिलनशी खंजर भो देखे है करके वादा अकसर लोग भूल जाते है हमारी भूल है ये हम उनको याद आते है मोहब्बत की कैद कैसी है न मरना न जीना है अरमानो का सफीना है और बस ख्वाबो मे हसीना है जहाॅ कोई नही रहता हम वहाॅ रहते है मोहब्बत के नुमाइंदे है गम को खुशी से सहते है