बातूनी हू बातो से पेट भर दू
हमसे कोई बात करे तो सही
ताउम्र रखेगे कदमो को हथेली पे
हाथो को मेरे हाथो मे धरे तो सही
मैने तो चाँद देखा है तेरे बारे क्या कहे
जाने गर खुद को बेनकाब करे तो सही
तेरी फिक्र अब हमारी हो जाएगी
तू जरा हमसे जिक्र करे तो सही
खुशी-खुशी सब कर देगे तुझपे नजर
मेरी बेसब्री का तू सबब करे तो सही
हर शाम का इन्तजार करोगे 'दिलेअजीज'
एक शाम हमसे मुलाकात करे तो सही