वे आपके आस पास ही हैं :
समय के हाथों
पराजित हुए लोग !
गौर से देखिएगा उन्हें -
वे बेवजह मुस्कुराते हुए लोग ,
जो सीने में दर्द समेटे रहते हैं
और बाहर सपाट सा चेहरा लिए
खुश दिखाई देने की कोशिश में
आंसुओं को पीते रहते हैं
देखी है कभी
झूठ के पुलिंदों पर टिकी हुई उनकी जिंदगी :
महसूस किया है कभी
उनकी आंखों में भरा नीर ,
कैसे लगते हैं वे -
बाहर से हंसने की कोशिश में
भीतर से रोते हुए लोग !
