Poetry 1 min read 786K reads

सेंट्रल पार्क


नीर परिधि, प्रेमी युगल;आह्वान आर्त, प्रति का पल-पल ।

वह झुकी कमर, वाणी विकल ;कुछ बेच रही, आँखें तरल ।

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