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रात


फिर रात होगी,और चाँद लेकर निकल पड़ेगा कोई ढूंढनेबिखरे सोने के सिक्के ।

सारी रात चुनता रहेगा सिक्के, अथक ।सिक्के कम होते जाएंगे,और आखिरी सिक्का चुनकरवह चाँद बुझा देगा ।

पूरब लाल हो उठेगा ।

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