कर ले मंथन !
कितने पल गुजरे ख्वाबों में ?
बातें की मिथ्या, मुदित हुआ ;
क्या व्यर्थ हुआ, क्या उचित हुआ ?
मिट गया द्वंद्व, तू उदित हुआ !
अब सत्य बना है, काल जीत;
पूरा करने, बाकी अतीत ।
ले राख समय की, कर चन्दन !
भर ले भविष्य में , स्पंदन !
कर ले मंथन !


कर ले मंथन !
कितने पल गुजरे ख्वाबों में ?
बातें की मिथ्या, मुदित हुआ ;
क्या व्यर्थ हुआ, क्या उचित हुआ ?
मिट गया द्वंद्व, तू उदित हुआ !
अब सत्य बना है, काल जीत;
पूरा करने, बाकी अतीत ।
ले राख समय की, कर चन्दन !
भर ले भविष्य में , स्पंदन !
कर ले मंथन !