कुछ रंग थे एक रंग में अलग अलग से ढंग में   फिर भी वो रहते साथ थे एक जैसे ही जज़्बात थे   फिर आँधियों में बह गया हर रंग अकेला रह गया   कुछ लोगो ने रंग हर लिया एक छोड़ के एक भर लिया   अब रंग रंग में भेद है मिलें दोनो ये निशेद है   पर दिन एक वो आएगा जब आसमान रंग जाएगा   घुल जाएगा आकाश में सतरंगी बन के प्रकाश में   रंगो को बाँध न पाओगे ख़ुद रंग  में घुल जाओगे   हर रंग  बस पहचान है पहले तो हम इंसान हैं प्रकाश